FNG expressway is set to jump out of the freezer. The expressway meant to connect Faridabad-Noida-Ghaziabad (FNG) had been a victim of state govts care-less attitude, especially on the part of Haryana govt. While a lot of development work has been completed on Noida side (upto NH-24), however all the work came to standstill across the bridge from Noida to Faridabad (around Sec-89 of Faridabad). The 56 km long expressway would connect two of the busiest highways in India NH24 (Hapur bypass) and NH-2 (Delhi-Agra). While 24 km of the highway falls in Noida, the balance is in Faridabad, including a new bridge across yamuna river.
एफएनजी एक्सप्रेस-वे का रास्ता साफ
सोमदेव आर्य ॥ हथीन
एनसीआर से जुड़े तीन शहरों को जोड़ने वाले ड्रीम प्रोजेक्ट गाजियाबाद, नोेएडा और फरीदाबाद हाइ
वे (एफएनजी एक्सप्रेस-वे) प्रोजेक्ट के अधिकारियों ने दावा किया है कि इसके निर्माण में आ रही बाधाएं दूर हो गई हैं। उनका कहना है कि शीघ्र इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि डेढ़ साल में इसे पूरा कर दिया जाएगा। प्रोजेक्ट पर 2650 करोड़ रुपये के बजट के व्यय का अनुमान है। इसमें किसानों को दी जाने वाली मुआवजा राशि भी शामिल है।
हरियाणा ऐडमिनिस्टे्रटिव रिफॉर्म कमिशन के पूर्व चेयरमैन करण सिंह दलाल के अनुसार इस प्रोजेक्ट में 56 किलोमीटर हाइवे का निर्माण होना है। इसमें 24 किलोमीटर यू.पी. क्षेत्र में और बाकी हरियाणा में है। इसके निर्माण में अनसुलझे रहे ज्यादातर मुद्दों पर दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच सहमति बन चुकी है। बैठकों का दौर खत्म होने को है। जल्द ही इसका निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। यह प्रोजेक्ट हाइवे एनएच-2 और एनएच-24 के साथ-साथ कुंडली मानेसर लिंक एक्सप्रेस हाइवे को भी जोडे़गा। इसके लिए ले आउट प्लान व अन्य सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। प्रोजेक्ट के तहत यमुना पर भी पुल का निर्माण कराया जाएगा। इसका काम भी शीघ्र शुरू हो जाएगा। इस एक्सप्रेस वे से फरीदाबाद के नहरपार इलाके, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के क्षेत्रों में विकास के नए अध्याय की शुरुआत होगी। फरीदाबाद में लालपुर विलेज के पास यह एनएच-2 से मिलेगा। इसके दोनों तरफ न्यू टाउनशिप विकसित होगी, जिसके लिए बिल्डरों ने पहले से काफी जमीनें खरीदी हुई हैं। स्टेट गवर्नमेंट भी इस के दोनों तरफ रेजिडेंशल और कमर्शल सेक्टर विकसित करेंगी।
यह ड्रीम प्रोजेक्ट वर्ष 1993 से अधर में लटका हुआ है। वर्ष 1994 में उत्तर प्रदेश व हरियाणा गवर्नमेंट के अधिकारियों के बीच इसे लेकर फाइनल बातचीत हुई थी। तब इसके निर्माण के लिए सहमति बन गई थी, परंतु काम शुरू नहीं हो पाया। शुरू में इस प्रोजेक्ट पर 791 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था। अब यह बढ़कर करीब 2650 करोड़ रुपये हो गया है। इसके निर्माण से जहां तीनों शहरों के बीच कनेक्टिविटी बढे़गी, वहीं तीनों शहरों के लोग एक दूसरे के इलाकों में सर्विस व बिजनेस आसानी से कर सकेंगे। इस प्रोजेक्ट से इलाके में मंदे पड़े प्रोपर्टी मार्केट में भी बूम आने की संभावनाएं बलवती होने लगी हैं। करण सिंह दलाल का कहना है कि इस ड्रीम प्रोजेक्ट के निर्माण के बाद हरियाणा के हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर मिलेेंगे।
हरियाणा पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के फाइनेंस कमिश्नर सुदीप सिंह ढिल्लो ने बताया कि हाल ही में इसे लेकर दिल्ली व उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के बीच मीटिंग हुई थी। इसमें इसका निर्माण तेजी से किए जाने पर सहमति बनी है। इसका निर्माण एनएचएआई करेगी और इसके लिए एनएचएआई ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
Faridabad-Noida-Ghaziabad (FNG)Project Report
FNG-Expressway-Asian-Dev-Bank-report
Faridabad-Noida-Ghaziabad (FNG) Route Map
