Greater Noida Infrastructure is really great!

ग्रेटर नोएडा का बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर इस शहर को देश के अन्य शहरों से खास बनाता है। बात चाहे व्यवस्थित रेजिडेंशल एर

िया की हो या फिर ग्रीनरी की, चौड़ी और रेडलाइट फ्री सड़कों की हो या फिर फॉर्म्युला वन रेस ट्रैक जैसे प्रोजेक्ट की, ग्रेटर नोएडा हर लिहाज से बेहतर है।
साफ और चौड़ी सड़कें
यहां 60 से 150 मीटर चौड़ी और साफ सड़कें मौजूद हैं। साथ में सर्विस रोड और गोलचक्कर जहां शहर की खूबसूरती बढ़ाते हैं, वहीं इनके चलते अगले कई वर्षों तक टै्रफिक जाम की समस्या नहीं होगी। खास बात यह है कि यहां की सड़कों को रेडलाइट फ्री बनाया गया है।
कनेक्टिविटी
गाजियाबाद के लिए सूरजपुर के पास से अलग बाईपास बनकर तैयार हो चुका है। नोएडा जाने के लिए डीएससी रोड के अलावा एक्सप्रेस-वे और 130 मीटर हाइवे का भी विकल्प है। आगरा से जुड़ने के लिए अगले साल तक ग्रेटर नोएडा और आगरा के बीच यमुना एक्सप्रेस-वे बनना शुरू हो जाएगा। इधर नोएडा से ग्रेटर नोएडा तक मेट्रो लाने पर भी काम शुरू हो गया है। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा से बलिया तक गंगा एक्सप्रेस-वे भी प्रस्तावित है। इन दोनों हाइवे को प्रस्तावित हिंडन एक्सप्रेस-वे भी कनेक्ट करेगा, जिससे यह शहर देहरादून से जुड़ जाएगा।

वर्ल्ड क्लास जंक्शन
ग्रेटर नोएडा में बोड़ाकी के पास वर्ल्ड क्लास जंक्शन बनाया जाएगा। यहां 4 मंजिला जंक्शन के साथ-साथ पैसेंजर एंड गुड्स टर्मिनल, ट्रांसपोर्ट नगर, होल-सेल मार्केट, फ्रूट एंड वेजिटेबल होल-सेल ट्रेड, एक दर्जन से ज्यादा प्लैटफॉर्म, होटल, शॉपिंग मॉल से लेकर वह सब-कुछ होगा, जो इसे वर्ल्ड क्लास सिटी बनाएगा। इसके लिए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी और रेलवे के बीच करार हो चुका है। जंक्शन पर एक दर्जन से ज्यादा प्लैटफॉर्म बनाने की योजना है। रेलगाडि़यों की धुलाई के लिए वॉशिंग लाइन और वर्कशॉप भी यहां होगी। जंक्शन के साथ-साथ यहां 200 एकड़ जमीन पर ट्रांसपोर्ट हब का विकास किया जाएगा। इसमें इंटरस्टेट बस टर्मिनल, ट्रांसपोर्ट नगर, होलसेल मार्केट, फल और सब्जियों के थोक व्यापार की मंडी बनाई जाएगी।
एयरपोर्ट
ग्रेटर नोएडा में जेवर में एयरपोर्ट भी प्रस्तावित है। एयरपोर्ट पर आई अड़चनों के हल होने के आसार बन रहे हैं। एयरपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर पॉलिसी 1997 के अनुसार दो एयरपोर्ट के बीच की दूरी कम से कम 150 किलोमीटर होनी आवश्यक है। इसके विपरीत दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से जेवर की हवाई दूरी है , जो केवल 68 किलोमीटर है। इसी को आधार बनाकर एयरपोर्ट निर्माण पर दिल्ली इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ( डीआईएएल ) ने आपत्ति जताई थी।
फॉर्म्युला वन रेस ट्रैक
ग्रेटर नोएडा में फॉर्म्युला वन रेस ट्रैक का निर्माण कार्य साल के मध्य तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद ऐडवेंचर के दीवानों के लिए ग्रेटर नोएडा दुनिया के बेहतरीन शहरों में से एक होगा। इसके साथ ही पर्यटन के जरिए हजारों लोगों को रोजगार मिल जाएगा।
नाइट सफारी
अपनी तरह का इंडिया का पहला और दुनिया का पांचवां टूरिजम प्रोजेक्ट नाइट सफारी में चांद की रोशनी में देश – विदेश के दुर्लभ जानवर देखने को मिलेंगे। मुरशदपुर में बनने वाली नाइट सफारी में इस साल से काम शुरू होने की उम्मीद है। इस पर करीब 300 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा।
एजुकेशन हब
इस समय नॉलेज पार्क -1, 2 और 3 में ही करीब 87 मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग कॉलेजों में करीब सवा लाख स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यहां और भी कॉलेज खुलने वाले हैं। अथॉरिटी ज्यादा से ज्यादा कॉलेज खुलवाने के लिए नॉलेज पार्क -5 के नाम से एक नया सेक्टर बसाने जा रही है।
ग्रीनरी की स्थिति
ग्रेटर नोएडा के मास्टरप्लान के अनुसार यहां 25 पर्सेंट ग्रीन एरिया रिजर्व किया गया है। सड़कों के बीच और मकानों के पीछे ग्रीन बेल्ट छोड़ी गई है। 3 हजार एकड़ जमीन वन विभाग की रिजर्व है। नाइट सफारी भी 150 एकड़ में बनेगी , जिसमें ग्रीनरी होगी। बर्ड सेंक्चुरी और वर्ल्ड नेचर गार्डन भी यहां की ग्रीनरी को बढ़ाएंगे। इन्हीं सब की बदौलत शहर को आईएसओ 9001 सर्टिफिकेट मिला हुआ है।
विश्वस्तरीय प्रोजेक्ट्स की होगी शुरुआत
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के मास्टर प्लान 2021 के अनुसार यहां शुरू होने वाले विश्वस्तरीय प्रोजेक्ट शहर की उड़ान में नया जोश भर देंगे। पर्यटन से लेकर मनोरंजन तक यहां वो सब कुछ होगा जिसे लोग सपनों में देखते हैं। फाइव स्टार होटल , यूनिवर्सिटी आदि तमाम ऐसे प्रोजेक्ट शुरू हो चुके हैं जो इसे अन्य शहरों से जुदा करते हैं।
अंडरग्राउंड है वायरिंग
ग्रेटर नोएडा में कहीं भी बिजली के वायर नजर नहीं आते। किसी भी सेक्टर को बसाने से पहले ही ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी वहां बिजली और टीबी केबल की अंडरग्राउंड वायरिंग करा देती है। किसी भी सेक्टर में बाहर से बिजली या केबल की वायरिंग की इजाजत नहीं है।
पूरे शहर में पीएनजी का जाल
सेक्टर अल्फा , बीटा , गामा , डेल्टा , स्वर्णनगरी समेत तमाम सोसायटियों में पीएनजी ( पाइप नेचरल गैस ) की पाइपलाइन बिछाई जा रही है। कई सेक्टरों और सोसायटियों में तो पीएनजी की सप्लाई शुरू भी कर दी गई है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के प्रवक्ता के मुताबिक अब तक ग्रेटर नोएडा के 70 प्रतिशत रेजिडेंशल एरिया में पीएनजी की पाइपलाइन बिछा दी गई है। अगले साल तक कोई भी सेक्टर पीएनजी से अछूता नहीं र हेगा।

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