Noida Sec 18 market: parking for 11000 cars coming

6 से 10 मंजिला बनेगी पार्किंग
28 Jan 2011, 0400 hrs IST

प्रमुख संवाददाता ॥ नोएडा
सेक्टर-18 में रैडिसन होटल के सामने इस समय खाली पड़े प्लॉट पर मल्टीलेवल कार पार्किंग बनाने के लिए नोएडा अथॉरिटी के नए सीईओ रमा रमण की पहल पर अमल होता दिखाई दे रहा है। इस पार्किंग को बनाने के लिए 3 आर्किटेक्ट कंपनियों ने अपना प्रेजेंटेशन गुरुवार को सेक्टर-6 स्थित कार्यालय में सीईओ के सामने पेश किया। तीनों कंपनियों ने 6 से 10 मंजिल तक की मल्टीलेवल कार पार्किंग का प्लान पेश किया है। इनमें 3200 से 5 हजार गाडि़यों की पार्किंग की जा सकेगी। अब अथॉरिटी को सेक्टर-18 की आंतरिक और बाहरी सड़कों से गुजरने वाले टै्रफिक को ध्यान में रखकर यह फैसला करना है कि आस-पास की पार्किंग रिजर्व स्पेस के बाद वाकई में सेक्टर-18 के लिए कितनी गाडि़यों की पार्किंग जरूरी होगी। इस मीटिंग में चीफ आर्किटेक्ट प्लैनर त्रिभुवन सिंह, सीनियर टाउन प्लैनर राजपाल कौशिक, सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर संदीप चंद्रा और टै्रफिक पुलिस से जुड़े अन्य अफसर भी थे।

डिप्टी सीईओ वीरेश्वर सिंह ने बताया कि 3 कंसलटेंट आर्किटेक्ट कंपनियों कोठारी, वास्तुनिधि और फेयरवुड नामक कंसलटेंट कंपनियों ने सेक्टर-18 के प्रस्तावित लगभग 26 हजार वर्गमीटर के प्लॉट पर अपना प्रेजेंटेशन दिया। तीनों ने अपने-अपने डिजाइन के हिसाब से राय दी है। इनमें किसी ने 4 हजार तो किसी ने 5 हजार गाडि़यों के पार्किंग तक का प्लान दिया है। अथॉरिटी के पार्किंग रेकॉर्ड के अनुसार इस समय सेक्टर 18 में सभी ओपन एरिया में कुल मिलाकर 2700 गाडि़यों की पार्किंग हो रही है। पहले जब रेडिसन और सोमदत्त टावर के बीच वाली पार्किंग में भी लगभग 400 गाडि़यों की पार्किंग हो जाती थी। अब धीरे-धीरे गाडि़यों के पार्किंग स्पेस घट रहा है।
11 हजार गाडि़यों की होगी पार्किंग
डिप्टी सीईओ ने बताया कि मौजूदा प्लान के अनुसार सेक्टर-18 में डीएलएफ बिल्डिंग में 3 हजार गाडि़यों की पार्किंग का प्रावधान किया जा रहा है। इसके अलावा वेव वन में 2400 और वेव टू में 2500 गाडि़यों की पार्किंग स्पेस होगा। जब मल्टीलेवल कार पार्किंग बन जाएगी तो यहां कुल मिलाकर 4 या 5 हजार गाडि़यों के साथ पूरे सेक्टर में लगभग 11 हजार गाडि़यों की पार्किंग हो सकेगी। यह सब मेट्रो स्टेशन, होटल, मॉल और मार्केट के हिसाब से पर्याप्त होगा।
जाम का भी ढूंढना होगा इलाज
नोएडा अथॉरिटी के प्लैनर इस बात पर भी विचार कर रहे हैं कि मल्टीलेवल कार पार्किंग की क्षमता इतनी होनी चाहिए कि लोगों को सहूलियत रहे। सड़कों पर गाडि़यों की इतनी भीड़ भी न हो कि पार्किंग से बाहर निकलने में ही कई घंटे लगें। इस बात की भी स्टडी की जा रही है कि सेक्टर-18 की सड़कें एक टाइम में अधिकतम कितनी गाडि़यां का टै्रफिक झेलने की स्थिति में होंगी।
लागत और तरीके पर भी विचार
इस प्रेजेंटेशन में तीनों कंपनियों की तरफ से मैन्युअल और मिकैनिकल पार्किंग के विकल्प भी प्रस्तुत किए गए। तीनों की कॉस्टिंग के लिहाज से यह 200 करोड़ से लेकर 300 करोड़ के बीच में आई है।
पार्कों मेें पार्किंग का भी हुआ पे्रजेंटेशन
शहर में 5 जगह पर पार्कों के नीचे डबल बेस्मेंट वाली पार्किंग का भी प्रेजेंटेशन तीनों कंपनियों की तरफ से प्रस्तुत किया गया। इनमें औद्योगिक एरिया में प्रस्तावित सेक्टर एक , तीन , हरौला सेक्टर 5, सेक्टर 58 और 62 की पार्किंग पर चर्चा हुई। फेज टू में पार्किंग के लिए चिह्नित प्लॉट पर पार्किंग डिवेलप करने पर भी चर्चा हुई है। 

Source: http://navbharattimes.indiatimes.com/delhiarticleshow/7374445.cms

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